Picture Source: poster of the Hindi film Kala Dhanda Goray Log (1986)

© Abhishek Avtans

धंधा (अर्थात जीविका, व्यवसाय, काम) शब्द हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं में बहुप्रचलित है। यह शब्द संस्कृत के धनधान्य से व्युत्पन्न माना जाता है। धनधान्य शब्द धन और धान्य (अनाज, अन्न, धान) के मेल से बना है। इस प्रकार से धनधान्य का अर्थ हुआ समृद्धि या सम्पत्ति। दूसरी ओर रामविलास शर्मा जैसे विद्वान ‘धंधा’ शब्द को संस्कृत ‘हस्त’ यानी हाथ से व्युत्पन्न मानते हैं, उनके अनुसार जैसे हस्त फ़ारसी में दस्त बना, वैसे ही प्राकृत भाषाओं में हस्त ‘धन्’ बन गया। इस धन् (हाथ) से धंधा (काम) शब्द व्युत्पन्न हुआ। दोनों में कौनसी व्युत्पत्ति सटीक है, यह कहना कठिन है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि धन एवं धान दोनों लगते तो एक जैसे हैं लेकिन उनका उद्गम संस्कृत की अलग अलग धातुओं से हुआ है। धन शब्द √धन् धातु से है जिसका अर्थ है उत्पन्न करना अथवा पैदा करना। जबकि धान्य (अनाज) शब्द √धा धातु से आया है जिसका अर्थ पोषण करना, धारण करना है।

संदर्भ

Sharma, R. Bharat Ke Pracheen Bhasha Pariwar Aur Hindi. Rajkamal Prakashan, Delhi, 2008.

Das, Shyamsundar. Hindi shabdasagar. Navina samskaran. Kasi: Nagari Pracarini Sabha, 1965-1975.

Apte, Vaman Shivaram. Revised and enlarged edition of Prin. V. S. Apte’s The practical Sanskrit-English dictionary. Poona: Prasad Prakashan, 1957-1959.


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