
कोश निर्माण की भारत में प्राचीन परंपरा रही है। पर हिंदी में कोशों के निर्माण की बात ज्यादा पुरानी नही है। हिंदी कोश निर्माण से जुड़े मुद्दों पर एक समेकित रिपोर्ट पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करे
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http://tdil.mit.gov.in/april-jan-2008.htm
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आपकी रचना बहुत बढिया! बहुत बहुत धन्यवाद
ज़रा मेरी सुनेंगे ? आज ईश्वर को मानते तो सब हैं परन्तु पहचानते बहुत कम लोग हैं हमारी रचना क्यों हुई ? हम धरती पर क्यों आए ? हमें कहाँ जाना है ? क्या सब धर्म बराबर है ? क्या ईश्वर अवतार लेता है ? मुक्ति कहाँ है ? कल्कि अवतार कौन हैं ? हमारा वास्तविक धर्म क्या था ? इत्यादि प्रश्नों का उत्तर जानने के इच्छुक हैं तो इस ब्लौग का अवश्य अध्ययन करें। http://safat.ipcblogger.com/blog धन्यवाद